Friday, April 19, 2013

वास्तु ज्ञान --बाथरूम में नमक रखने से नेगेटिविटी दूर होगी:Keep some Salt in the Bathroom to Kill Negative Energy



 बाथरूम में नमक रखने से नेगेटिविटी दूर होगी:Keep some Salt in the Bathroom to Kill Negative Energy

हमारे घर का मुंह पूरब की तरफ है। इसके बावजूद मेरे जीवन में कोई शांति नहीं है। हमने जबसे इस मकान में शिफ्ट किया है, तभी से मैं इमोशनली, मेंटली और फाइनेंशली समस्याएं झेल रहा हूं। कृपया कोई उपाय बताइए।
आपके घर का नक्शा देखा। इसमें बहुत कम बदलाव करने की जरूरत है, लेकिन आपने सारी चीजों को मिसमैनेज किया हुआ है। इससे आपका घर वास्तु के नियमों के विपरीत हो गया है। यह पॉजिटिव एनर्जी को बर्बाद करने की तरह है। अगर आपने इनका ध्यान रखा होता है, तो पॉजिटिव एनर्जी आपके घर में रहकर आपको लाभ दे सकती थीं। आपके घर का मुंह पूरब की तरफ है, जो बहुत शुभ होता है। इसके अलावा उत्तर दिशा में खुली जगह का होना भी वास्तु के अनुसार काफी शुभ है। पूरब मुंहाना होते हुए भी आपको वास्तु का लाभ इसलिए नहीं मिल रहा है, क्योंकि घर के एकदम बाहर बड़े-बड़े पेड़ पॉजिटिव एनर्जी का रास्ता रोक रहे हैं। घर में दो कमरे पेंटागन आकार के हैं। ये वास्तु के नियमों के विपरीत हैं। आपने घर में बोरिंग भी फायर जोन यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में कराई है, जो गलत है। मंदिर को भी गलत जगह पर रखा गया है।


सबसे पहले बोरिंग को उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में शिफ्ट करने की कोशिश करें। इससे घर के आर्थिक हालात सुधरेंगे। घर में समृद्धि लाने के लिए आप इस हिस्से में अंडरग्राउंड वॉटर टैंक भी बनवा सकते हैं। आपके घर में पूजा घर और टॉयलेट्स बराबर में बने हुए हैं। यह वास्तु के हिसाब से बिल्कुल गलत है। आपको घर के मंदिर में ऊर्जावान 91 ग्रिड पिरामिड रखना चाहिए। इसके अलावा मंदिर में मूर्ति का मुंह दक्षिण या पश्चिम की तरफ रखें, जबकि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व की तरफ होना चाहिए। बाथरूम में नमक का कटोरा रखें। इससे घर की नेगेटिव एनर्जी को बैलेंस करने में मदद मिलेगी। किचन की दीवार पर पूरब दिशा में एक बड़ा शीशा टांगने से घर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होंगी। घर की बाहरी दीवार पर अष्टकोणीय शीशा इस तरह टांगें कि इसमें पेड़ों का अक्स दिखाई दे। इससे द्वार वेध दोष दूर होगा। 


astrouncle_tips.blogspot.com

Wednesday, April 17, 2013

उपाय -नौकरी और प्रमोशन दिलाते हैं ये उपाय :इन पांचों को खिलाते रहेंगे खाना तो कभी नहीं होगी पैसों की कमी :Job and promotion assures /


नौकरी और प्रमोशन दिलाते हैं ये 4 उपाय, कोई भी 1 उपाय जरूर करें


उज्जैन। आज के समय युवाओं की सबसे बड़ी समस्या है अच्छी नौकरी, यदि किसी के पास अच्छी नौकरी है तो उसे समय पर उचित प्रमोशन या वेतन वृद्धि नहीं मिलता है। ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए व्यक्तिगत मेहनत के साथ ही चमत्कारी उपाय भी करना चाहिए।
यहां 4 प्राचीन और कारगर उपाय बताए जा रहे हैं। इन उपायों की पूरी विधि है। ये सभी उपाय जल्दी ही आपको परेशानियों को दूर करते हैं। यदि आप इन उपायों से कोई एक उपाय भी करेंगे तो आपको सकारात्मक फल अवश्य प्राप्त होंगे।
वैसे तो शास्त्रों के अनुसार कई ऐसे उपाय बताए हैं जो नौकरी से संबंधित परेशानियों का निराकरण करते हैं, लेकिन यहां पहला उपाय जानिए जो कि शनिवार के दिन किया जाना चाहिए...
पहले उपाय की विधि...
उपाय के अनुसार व्यक्ति शनिवार की सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठें और सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद घर में किसी पवित्र स्थान पर पूजन का विशेष प्रबंध करें या किसी मंदिर में जाएं।
शनिवार शनि की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। शनि हमारे कर्मों का फल देने वाले देवता हैं। अत: इसी दिन शनि देव का विधिवत पूजन करना है।
पूजन करने के बाद यहां दिए गए मंत्र का जप 1008 बार करना है। जप के लिए रुद्राक्ष की माला उपयोग किया जा सकता है।
मंत्र: ऊँ नम: भगवती पद्मावती ऋद्धि-सिद्धि दायिनी दुख-दारिद्रय हारिणी श्रीं श्रीं ऊँ नम: कामाक्षाय ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा।
इस मंत्र का जप शांति पूर्वक करें। पूजन में थोड़ा समय लगता है अत: किसी शांत एवं पवित्र स्थान का चयन करें।
शनिवार के दिन यहां दिए मंत्र का जप 1008 बार हो जाए इसके बाद जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं तो इस मंत्र का जप 11 बार करके जाएं।
1008 बार इस मंत्र के जप से यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा और जब भी आप इसका जप 11 बार करेंगे तो यह और अधिक चमत्कारी फल प्रदान करेगा।
इसी प्रकार जब भी प्रमोशन या इंक्रिमेंट का समय आए तब इस मंत्र का जप 11 बार अवश्य करें। लाभ होगा।
नौकरी के लिए घर से निकलने के पहले 11 बार मंत्र जप के बाद अपने साथ थोड़ा सा आटा और गुड़ लेकर जाएं। रास्त्रे में जहां भी गाय दिखाई दे उसे आटा और गुड़ खिला दें। इस कार्य के बाद यह उपाय पूर्ण हो जाएगा और आपको जल्दी ही अच्छी नौकरी मिल जाएगी। प्रमोशन के रास्ते में आ रही रुकावटें दूर हो जाएंगी।

दूसरा उपाय
प्रतिदिन सुबह-सुबह सूर्य को जल अर्पित करें। जल तांबे के लोटे से चढ़ाना चाहिए, इसके साथ ही जल में लाल मिर्ची के दाने भी डालें। यह उपाय आपको प्रमोशन दिला सकता है और मनचाहे स्थान पर स्थानांतरण करवा सकता है।

तीसरा उपाय
ज्योतिष के अनुसार यदि आपको कई प्रयास करने बाद भी सही नौकरी नहीं मिल रही है तो निम्न उपाय करें। किसी भी मंगलवार को शुभ मुहूर्त में हनुमानजी का ऐसा चित्र खरीदें जिसमें उनका रंग सफेद हो।
ध्यान रहें हनुमानजी के वस्त्रों का रंग सफेद न हो। उस फोटो को घर लेकर आएं और जिस दिशा में आप सिर रखकर सोते हैं ठीक उसके सामने वाली दीवार पर हनुमानजी का फोटो लगा दें। प्रतिदिन उठने के तुरंत बाद बजरंग बली के दर्शन करें। इस प्रयोग से कुछ ही दिनों में आपको अच्छी नौकरी मिलने के योग बनेंगे।

चौथा उपाय
नौकरी या प्रमोशन की इच्छा रखने वाले लोगों को प्रतिदिन पक्षियों को मिश्रित अनाज खिलाना चाहिए। आप सात प्रकार के अनाजों को एकसाथ मिलाकर पक्षियों को खिलाएं। इसमें गेहूं, ज्वार, मक्का, बाजरा, चावल, दालें शामिल की जा सकती हैं। प्रतिदिन सुबह-सुबह यह उपाय करें, जल्दी ही नौकरी से जुड़ी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी।
नौकरी और प्रमोशन दिलाते हैं ये 4 उपाय
कोई भी 1 उपाय जरूर करें-http://goo.gl/dspkbh

यह उपाय करने से होगा प्रमोशन

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा अपने काम के प्रति समर्पित रहते हैं। वे दिन-रात अपने काम में निखार लाने का प्रयत्न करते रहते हैं और उसमें सफल भी होते हैं लेकिन इसके बाद भी उन्हें प्रमोशन नहीं मिल पाता। जबकि कुछ लोग बिना कुछ किए ही प्रमोशन पा लेते हैं। कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण ऐसा हो सकता है। यदि आप प्रमोशन चाहते हैं तो नीचे लिखे उपाय कर उन ग्रहों को शांत करें, आपका भी प्रमोशन जल्दी होगा।
उपाय
- यदि शनि आपके प्रमोशन में बाधा उत्पन्न कर रहा है, तो एक बर्तन में तिल्ली का तेल लेकर उसमें अपनी परछाई देखकर भिखारी को दान कर दें।
- यदि सूर्य के कारण बाधा हो तो प्रतिदिन पहली रोटी गाय को दें यदि गाय काली या पीली हो तो और भी शुभ रहता है।
- चन्द्र के कारण बाधा हो तो पिता को स्वयं जाकर दूध पिलाएं और उनकी सेवा करें।
- मंगल के अशुभ प्रभाव के कारण बाधा हो तो घर में बुजुर्ग, महिलाओं का सम्मान करें और चांदी की अंगूठी या कड़ा पहनें।
- बुध ग्रह के कारण आपके प्रमोशन में बाधा उत्पन्न हो रही हो तो किसी चांदी के आभूषण का दान करें।
- गुरु के प्रभाव के कारण तरक्की में बाधा उत्पन्न हो रही हो तो प्रतिदिन पीली गाय को गुड़-चने खिलाएं।
- यदि शुक्रग्रह के कारण आपको बाधा हो तो रोज घर की बुजुर्ग स्त्रियों के चरण स्पर्श करें।
- राहु के प्रभाव के कारण व्यवसाय या नौकरी में बाधा आ रही हो तो लाल गुंजा व सौंफ को लाल वस्त्र में बांधकर अपने कमरे में रखें।
- केतु का अशुभ प्रभाव हो तो रोज कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलाएं।


इन पांचों को खिलाते रहेंगे खाना तो कभी नहीं होगी पैसों की कमी
उज्जैन। आज के समय में लगभग हर इंसान किसी न किसी परेशानी का सामना कर रहा है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो जीवन से पूरी तरह संतुष्ट है और सुखी है। जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान शास्त्रों में बताया गया है। एक उपाय तो ये है कि हम अपनी मेहनत से और स्वयं की समझदारी से इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें और दूसरा उपाय यह है कि हम धार्मिक कर्म करें।
हमें प्राप्त होने वाले सुख-दुख, हमारे कर्मों का ही प्रतिफल है। यदि पुण्य कर्म किए जाए तो दुख का समय जल्दी निकल जाता है। शास्त्रों के अनुसार पांच जीव ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें खाना खिलाने से हमारे जीवन की सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
यहां जानिए ये पांच जीव कौन-कौन से हैं और इन्हें खाने में क्या देना चाहिए...
गाय को खिलाएं रोटी या हरी घास
यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से गाय को रोटी खिलाएं या हरी घास खिलाएं तो बहुत चमत्कारी फल प्राप्त होते हैं। व्यक्ति की कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। गाय को पूज्य और पवित्र माना जाता है, इसी वजह से गाय की सेवा करने वाले व्यक्ति को सभी सुख प्राप्त होते हैं।
पक्षियों को अनाज के दाने खिलाएं
पक्षियों को अनाज के दाने डालने पर आर्थिक मामलों में विशेष लाभ होता है। व्यवसाय करने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से हर रोज पक्षियों को दाना अवश्य डालना चाहिए। ऐसा करने पर व्यवसाय में बढ़ोतरी होती रहती है।
दुश्मनों का भय दूर करने के लिए यह उपाय करें
यदि कोई व्यक्ति दुश्मनों से परेशान हैं और उनका भय हमेशा ही सताता रहता है तो कुत्ते को रोटी खिलाना चाहिए। नियमित रूप से जो व्यक्ति कुत्ते को रोटी खिलाता है, उसे दुश्मनों का भय कभी सताता नहीं है। कुत्ते को रोटी खिलाने से शनि के दोष भी शांत होते हैं।
कर्ज से मुक्ति चाहिए तो यह उपाय करें
कर्ज से परेशान लोग हर रोज चींटियों को शक्कर और आटा डालें। ऐसा करने पर कर्ज की समाप्ति जल्दी हो जाती है। धन संबंधी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं।
संपत्ति के मामलों में सफलता के लिए
जिन लोगों की पुरानी संपत्ति उनके हाथ से निकल गई है या कोई मूल्यवान वस्तु खो गई है तो प्रतिदिन मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाना चाहिए। ऐसा करने पर लाभ होता है। मछलियों को आटे की गोलियां खिलाने पर ऐसे योग बनते हैं कि आपकी पुरानी संपत्ति पुन: आपको मिल सकती है।
इन पांचों को जो भी व्यक्ति खाना खिलाता है, उसके सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।



 ये 30 बातें ध्यान रखेंगे तो नौकरी और प्रमोशन में नहीं होंगी परेशानियां
उज्जैन।


 आज के समय में काफी अधिक ऐसे लोग हैं जिनका जीवन नौकरी पर आधारित है। जो लोग जॉब या नौकरी में रहते हैं उनकी एक इच्छा हमेशा रहती है कि उन्हें समय-समय पर प्रमोशन और उचित इंक्रीमेंट मिलता रहे। इसके लिए कड़ी मेहनत भी की जाती है। काफी कम लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें मनमाफिक नौकरी और प्रमोशन हासिल हो पाता है।
- जिस तरह से वनस्पतियों को सूर्य से जीवन प्राप्त होता है, वैसे ही आशीर्वाद से आप में जीवन संचरित होता है। इसलिए बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते रहना चाहिए।
- सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो किसी भी समस्या या कार्य के दोनों पक्षों को देखते हैं और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करते हैं।
- सच्चा पुरुषार्थी वही है, जो असफल रहने पर भी प्रयास में शिथिलता नहीं आने देता। और असफलताओं के बाद भी नए उत्साह से सफलता के लिए प्रयास करता है।
- खुशी, दुख, डर, प्रेम आदि भावों को प्रकट करने में जब सभी इंद्रियां हार मान बैठती हैं, तो आंसू ही उन भावों को प्रकट करने में सहायक होते हैं।
- जलती हुई लकडिय़ां अलग होने पर धुंआ फेंकती हैं। और साथ होने पर जलने लगती हैं। ऐसे ही अपनों से अलग होने वाले दुख उठाते हैं और साथ होने पर सुखी होते हैं।
- अधिक अभिमान, अधिक बोलना, त्याग का प्रभाव, गुस्सा, अपना पेट पालने की चिंता और मित्र द्रोह- ये छह तीखी तलवारें आयु को कम कर देती हैं। इनसे बचना चाहिए।
 जो सेवक आज्ञा मिलने पर स्वामी की बात का आदर नहीं करता। किसी काम में लगाए जाने पर इनकार कर देता है। अपनी बुद्धि पर गर्व करता है। उसे छोड़ देना चाहिए।
- थोड़ा भोजन करने वाले को आयु, बल, सुख, आरोग्य मिलता है। उनके बच्चे सुंदर होते हैं। इसके अलावा लोग उन पर यह आरोप भी नहीं लगाते कि वह बहुत खाने वाले हैं।
- बुढ़ापा रूप का, मृत्यु प्राणों का, नीच पुरुषों की सेवा सदाचार का, क्रोध लक्ष्मी का और अभिमान सभी का नाश कर देता है। इसलिए इनसे बचना चाहिए।
- जो आपके साथ जैसा बर्ताव करे, उसके साथ वैसा ही बर्ताव करें। कपटी के साथ कपटपूर्ण और अच्छा बर्ताव करने वाले के साथ साधु भाव से बर्ताव करें।
- बहुत खाने वाले, अकर्मण्य, सभी लोगों से वैर रखने वाले, अधिक मायावी, क्रूर और देश काल का ज्ञान न रखने वाले को कभी भी अपने घर में न ठहरने दें।
- जो हमेशा दूसरों की निंदा में लगे रहते हैं, दूसरों को दुख और आपस में फूट डालने की कोशिश में उत्साहित रहते हैं। उनसे धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए।
- धूर्त, आलसी, डरपोक, क्रोधी पुरुष, अभिमानी, अहसान न मानने वाले और नास्तिक व्यक्ति पर कभी भी पूर्ण विश्वास नहीं करना चाहिए।
- जो धन बहुत क्लेश उठाने से, धर्म का उल्लंघन करने से या दुश्मन के सामने सिर झुकाने से मिले, उसे पाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
- यदि आप खुद को तुच्छ, निर्धन, क्षुद्र मान बैठेंगे तो आप वैसे ही हो जाएंगे। इसके विपरीत यदि खुद का आदर करते हैं तो आत्म-निर्भर हो जाएंगे और यश भी पाएंगे।
- हर चीज आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर निर्भर करती है क्योंकि इसी से आपकी कार्यशक्ति संचालित होती है। जरूरत है इस शक्ति को पहचानने की।
- जिसे दूसरे की सुविधा और दूसरे के साथ निभाने की दृष्टि से झुकना और राह छोड़ना नहीं आता, वह कुछ भी नहीं पा सकता। यहां तक संतोष भी नहीं।
- अहंकार को भूलकर कोमल लता की तरह आंधी तूफान का सामना करने की कोशिश करें। सफलता खुद-ब-खुद आपको गले लगा लेगी।
- विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला कोई अन्य विद्यालय आज तक नहीं बना है। और विपत्ति के समय में दुख भोगने से ही सुख के मूल्य का पता चलता है।
- यह दुनिया उसी व्यक्ति को श्रेष्ठ मानती है जो कृतकार्य होकर उसे यह दिखला देता है कि इसी तरह से सफलता हासिल की जा सकती है।
- क्रोध मूर्खता से शुरू होकर पश्चाताप पर खत्म होता है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को अपने ऊपर ही झेल लेता है, वह दूसरों के क्रोध से बच जाता है।
- गरीब वह व्यक्ति है, जिसका खर्च उसकी आमदनी से अधिक है। उस इंसान से अधिक कोई और गरीब नहीं है, जिसके पास सिर्फ पैसा है।
- जिस तरह से बिना घिसे हीरे में चमक नहीं आती, उसी तरह से बिना गलतियां करे इंसान पूर्ण नहीं होता। मगर, गलतियों पर दृढ़ केवल मूर्ख ही रहते हैं।
- बहुत विद्वान होने से कोई आत्मगौरव प्राप्त नहीं कर सकता। इसके लिए सच्चरित्र होना जरूरी है। चरित्र के सामने विद्या का बहुत कम मूल्य है।
- चिंता एक ऐसी हथौड़ी है, जो मनुष्य के सूक्ष्म और सुकोमल सूत्रों व तंतुजाल को विघटित कर उसकी कार्य करने की शक्ति को नष्ट कर देती है।
- यह मानना कि वर्तमान समय बड़ा नाजुक है, जीवन का सबसे बड़ा भ्रम है। अपने हृदय में यह अंकित कर लें कि जीवन का हर पल जीवन का सर्वोत्तम समय है।
- जीवन का पहला और स्पष्ट लक्ष्य है- विस्तार। जिस क्षण आप विस्तार करना बंद कर देंगे, उसी क्षण जान लें कि आपको मृत्यु ने घेर लिया है, विपत्तियां सामने हैं।
- ईमानदारी वैभव का मुंह नहीं देखती। वह तो परिश्रम के पालने में किलकारियां मारती है और संतोष पिता की भांति उसे देखकर तृप्त होता है।
- किसी भी व्यक्ति को सांप, आग, शेर और अपने कुल में पैदा हुए लोगों का अनादर नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये सभी बड़े तेजस्वी होते हैं।
- स्त्रियों को घर की लक्ष्मी कहा जाता है। वे अत्यंत सौभाग्यशालिनी, पूजा के योग्य, पवित्र और घर की शोभा हैं। इसलिए उनकी विशेष रूप से रक्षा करनी चाहिए।

by danik bhaskar
नौकरी पाने की बाधाओं को दूर करें ये टोटके
अच्छी नौकरी की लालसा हर किसी को होती है। कभी-कभार आप देखते होंगे कि लिखित परीक्षा और इंटरव्यू अच्छा होने के बावजूद कुछ ऐसे अड़ंगे लग जाते हैं, जिससे नौकरी मिलते-मिलते हाथ से आगे निकल जाती है। ज्योतिषियों की मानें तो ये सब ग्रहों का फेर ही होता है, जो आपके बनते काम को बिगाड़कर रख देता है। आइए, जानें लोग नौकरी के रास्ते आनेवाली बाधाओं को दूर करने के लिए कैसे-कैसे उपायों का सहारा लेते हैं-
लोग इस टोटके को भी खूब आजमाते हैं। एक नींबू में चार लौंग गाड़ दें और 'ॐ श्री हनुमते नम:' मंत्र का 108 बार जप करके नींबू को अपने उस बैग में रखें, जिसे आप साथ लेकर जा रहे हों। कहते हैं ऐसा करने से बिगड़ता हुआ काम बन जाता है।
आप घर में हनुमान जी का उड़ती हुई तस्वीर रखें और उनकी पूजा करें। हर मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर बजरंग बाण का पाठ करें। ऐसा करना नौकरी के रास्ते आनेवाली बाधाओं को दूर करता है।
यदि आप किसी इंटरव्यू के लिए जा रहे हों तो घर से निकलने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें। कई लोग इंटरव्यू देने जाने से पहले सुबह स्नान करते समय पानी में थोड़ी पिसी हल्दी मिलाकर स्नान करते हैं। इसके बाद भगवान के सामने 11 अगरबत्ती और घी के दीये जलाकर सबसे पहले दायां पैर घर से बाहर निकालते हैं। इंटरव्यू देने के लिए निकलने से पहले एक चम्मच दही और चीनी मुंह में जरूर रख लें।
आपने अक्सर कुछ लोगों को सुबह-सुबह पंक्षियों को दाना खिलाते देखा होगा। इसके पीछे कुछ न कुछ उनकी कामना होती है। कहते हैं यदि रोज सुबह आप पंक्षियों को सात प्रकार के अनाजों को मिलाकर दाना खिलाते हैं तो फायदा होगा।
किसी गणेश चतुर्थी के रोज गणेश जी का कोई ऐसा चित्र या मूर्ति घर में रखें या लगाएं, जिसमें उनकी सूंड़ दाईं ओर मुड़ी हो। गणेश जी की आराधना करें। भगवान के आगे लौंग तथा सुपारी रखकर मन से उनकी आराधना करें। जब भी कहीं काम पर जाना हो तो इस लौंग तथा सुपारी को साथ लेकर जाएं।
यदि आप इंटरव्यू देने के लिए निकले हों और रास्ते में यदि कोई गाय दिख जाए तो उसे आटा और गुड़ खिलाकर ही आगे बढ़ें।
शनिवार को शनि देव की पूजा करके आगे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें।
ॐ शं शनैश्चराय नम:
महीने के पहले सोमवार को सफेद कपड़े में काले चावल लें। इसे बांधकर मां काली के चरणों में रखें। लोग कहते हैं कि नौकरी के मार्ग में आनेवाली दिक्कतें आपसे किनारा कर लेती हैं।
शनिवार को शनि देव की पूजा करें और 1008 बार इस मंत्र का जाप करें। जप के लिए रुद्राक्ष या तुलसी की माला का इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर, जब आप इंटरव्यू के लिए निकल रहे हों तो 11 बार इस मंत्र का जप करें।
ओम नम: भगवती पद्मावती ऋद्धि-सिद्धि दायिनी
दु:ख-दारिद्रय हारिणी श्रीं श्रीं ऊँ नम:
कामाक्षय ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा।
 

  नौकरी में प्रमोशन चाहिए तो 7 प्रकार के अनाज का ये उपाय करें

nokri me  prmoshan ke upay
सात प्रकार के अनाज जैसे गेहूं, चावल, बाजरा, ज्वार, चने, मक्का, काली उड़द थोड़ा-थोड़ा एक साथ एकत्र करें। इसके बाद इस अनाज को प्रतिदिन सुबह-सुबह पक्षियों को खिलाएं। पक्षियों को खिलाने के लिए आप अपने घर की छत पर या किसी पार्क में यह अनाज फैला सकते हैं। जिससे पक्षी अनाज के दाने चुग लेंगे।
शास्त्रों के अनुसार पक्षियों को अनाज खिलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। पिछले समय में या जन्म में किए गए पाप कर्मों का प्रभाव समाप्त होता है और पुण्य में बढ़ोतरी होती है। इसके साथ आपके जीवन की कई प्रकार की समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी। आपकी नौकरी में आ रही बाधाएं भी कम हो जाएंगी और मेहनत और कार्य-कौशल के आधार पर आपको प्रमोशन और इंक्रीमेंट अवश्य मिलेगा।
 इस प्रकार यह उपाय प्रतिदिन या समय-समय पर करते रहना चाहिए। पक्षियों को अनाज खिलाने से आपकी कुंडली के दोष और घर के वास्तु दोष शांत हो जाएंगे। इसके साथ ही पक्षियों के चहचहाहट से घर के आसपास का वातावरण भी पॉजिटिव हो जा ता है |

Tuesday, April 16, 2013

जीविकोपार्जन बाधा योग (नौकरी एवं व्यवसाय): सरसो तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें

जीविकोपार्जन बाधा योग (नौकरी एवं व्यवसाय)    



1.    आप जिस संस्थान मे नौकरी करते है, वहा आपके शत्रु आपके विरोध मे कोई न कोई षडयंत्र रचते रहते हैं तो आप किसी शनि अमावस्या को भगवान शिव से अपने शत्रु शमन का निवेदन करते हुए सरसो तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस उपाय से आपके शत्रुओ का शमन अत्यंत तीव्र गति से होगा। 
2.    यदि आपके कर्मक्षेत्र में कोई न कोई बाधा आती रहती है तो आप मंगलवार को किसी भी सिद्ध हनुमान मन्दिर में जाकर एक पान के पत्ते पर मक्खन, सिन्दूर, गुड, कर्पूर एवं 11 चने के दाने रखकर एक जनेउ के जोडे के साथ प्रभु को अपनी समस्या निवेदन करते हुए अर्पित करे और यह समस्त सामग्री प्रभू के चरणो मे रखकर श्री बजरंगबाण का पाठ करते हुए प्रभू के बाये चरण का सिन्दूर लेकर तिलक करे। आपके द्वारा यह उपाय करते ही आपको चमत्कारिक रुप से लाभ होता दिखाई देगा। 
3.    यदि आपके कर्मक्षेत्र मे आपकी उन्नति नहीं हो पा रही हो तो, आप निम्न उपाय करे - किसी भी पूर्णिमा के दिन शिव मन्दिर मे शिवलिंग को दूध से स्नान करवाये तथा मा दुर्गा को पीली चुनरी भेंट करे।

ज्योतिष :शीघ्र विवाह एवं विवाह में रुकावट दूर करने के उपाय / टोटके :Astrology ;:Remedy for early marriage


शीघ्र विवाह एवं विवाह में रुकावट दूर करने के उपाय / टोटके
  •  गुरूवार :को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए|
  • केसर: टीका लगाना चाहिए|  
  • बजुर्ग व्यक्तियों: सम्मानकरें|
  •  शीघ्र विवाह: सोमवार को  चने की दाल ,कच्चा दूध दान करें|
  •  बुध :रूकावट दे रहा हो को हरी घास उपाय करे |
  • गुरूवार :को पीपल,केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधा दूर |
  •  बृहस्पति देव:प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि  गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए। 
  •  गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए। 
  •   ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रों स: मंत्र का माला प्रति गुरुवार जप करें।
      शिव-पार्वती का पूजन करना 
    चाहिए।  
  •  शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें।
  •  जल्दी शादी  उपाय: 
  • किसी ग्रह बाधा उपाय करें।
     सूर्य:प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाएं और
    मंत्र: ऊँ सूर्याय: नम:  का जप करें।
      मंगल :विलंब होने पर चांदी का चौकोर टुकड़ा सदैव अपने पास रखें।  
  • सूर्य : विवाह प्रस्ताव के जाते समय थोड़ा गुड़ खाकर और पानी पीकर जाना चाहिए।
 जन्म कुण्डली से  जाने: विवाह ,शादी  का समय :ग्रहों की दशा- अन्तर्दशा में विवाह हो सकता है |  विवाह में सहायक ग्रह, उसकी दशांतर्दशा एवं गोचर पर निर्भर करता है।
२ ,५ ,७ ,९ ,११ भाव ,और उनके लॉर्ड्स को भी देखना होता है।
 सप्तम या सप्तम से सम्बन्ध रखने वाले ग्रह की महादशा या अन्तर्दशा में विवाह होता है।
कन्या की कुन्डली में शुक्र से सप्तम और पुरुष की कुन्डली में गुरु से सप्तम की दशा में या अन्तर्दशा में विवाह होता है।
सप्तमेश की महादशा में, पुरुष के कुंडली मैं ,शुक्र या चन्द्र की अन्तर्दशा में और स्त्री के कुंडली मैं गुरु या मंगल की अन्तर्दशा में विवाह होता है।
सप्तमेश जिस राशि में हो,उस राशि के स्वामी के त्रिकोण में गुरु के आने पर विवाह होता है।
गुरु गोचर से सप्तम में या लगन में या चन्द्र राशि में या चन्द्र राशि के सप्तम में आये तो विवाह होता है।
सप्तमेश जब गोचर से शुक्र की राशि में आये और गुरु से सम्बन्ध बना ले तो विवाह सम्बन्ध बनता है।
 इसलिए सप्तम भाव के स्वामी, स्प्तम भाव के कारक अर्थात विवाह के कारक (स्त्री के लिए गुरु और पुरुष क लिए शुक्र), सप्तम भाव म बैठ ग्रह, सप्तम भाव पर दृष्टि रखने वाले ग्रह,
 दशाओं में सप्तमेश ,लग्नेश ,गुरु एवम विवाह कारक शुक्र का गोचर जब लग्न ,सप्तम भाव या इनसे त्रिकोण में होता है उस समय विवाह का योग 

बनता है |
  चंद्र, गुरु अथवा शुक्र की दशाओं में भी विवाह हो सकता है।

राहु की दशा में विवाह हो सकता है। 
सप्तमेश जिस राशि में बैठा हो उसके स्वामी ग्रह की दशा में विवाह हो सकता है।
 द्वितीयेश की दशा में अथवा द्वितीयेश जिस राशि में स्थित हो उसके स्वामी की दशा में विवाह होता है।
 सप्तमेश राहु या केतु से युत हो तो इनकी दशा भुक्ति में विवाह होता है। नवमेश और दशमेश की दशा में विवाह होता है।
 सप्तमेश में नवमेश की दशा- अन्तर्द्शा में विवाह हो सकता है।
 सप्तमेश की दशा- अन्तर्दशा में विवाह   हो सकता है।
सप्तमेश  नवमेश पंचमेश  आपस से भी संबन्ध बनाते हों तो इस ग्रह दशा में प्रेम विवाह हो   सकता है|
सप्तम भाव में स्थित ग्रहों की दशा– अन्तर्दशा में विवाह  हो सकता है।  शुक्र, सप्तम भाव में स्थित ग्रह या सप्तमेश जब शुभ ग्रह होकर अशुभ भाव या अशुभ ग्रह की राशि में स्थित होने पर अपनी दशा- अन्तर्दशा के  में विवाह की संभावनाएं हो सकती है|
इसके अतिरिक्त जब अशुभ ग्रह बली होकर सप्तम भाव में स्थित हों या स्वयं सप्तमेश हों तो इस ग्रह की दशा के  अन्तिम भाग में विवाह
जब विवाह कारक ग्रह शुक्र  गोचर में शनि, गुरु से संबन्ध बनाने पर अपनी दशा- अन्तर्दशा में विवाह हो  सकता   है|
सप्तमेश के मित्रों की ग्रह दशा में विवाह होने के योग बनते है|
सप्तम व सप्तमेश से दृ्ष्ट ग्रहों की दशा में विवाह होने के योग बनते है|
लग्नेश की दशा में सप्तमेश की अन्तर्दशा में भी विवाह होने की संभावनाएं बनती है|
शुक्र शुभ ग्रह की राशि तथा शुभ भाव (केन्द्र, त्रिकोण) में स्थित हों, तो शुक्र कि अन्तर्दशा या प्रत्यन्तर दशा से आने पर विवाह हो सकता है.
शुक्र से युति करने वाले ग्रहों की दशा- अन्तर्दशा में विवाह होने की संभावनाएं बनती है|

Monday, April 15, 2013

उपाय :मंगल अशुभ प्रभाव कैसे हो दूर? :Astrology:Remedies :mangal bad effects?


मंगल के अमंगल प्रभाव कैसे हो दूर?

मंगल ग्रह :सेनापति,रक्त,जीवन और शरीर को प्रभावित
मंगल अशुभ प्रभाव  : रक्त संबंधी किसी बीमारी ।  
विवाह में देरी करता है।
व्यक्ति कुरुप, झूठा, झगड़ालु, व्यभिचारी, कपटी, गरीब जैसी अनेक बुराइयों। 
मंगल  ज्योतिषीय उपाय : 
  • हनुमानजी की पूजा अर्चना करना चाहिए ।
  • गुरु एवं शुक्र ,का उपाय और सूर्य एवं चंद्रमा की वस्तुओं का दान करना चाहिए
  • दूध तथा दूध से बनें खाद्य पदार्थ दान करना चाहिए
  • शनिदेव की विशेष आराधना  करें।
  • हनुमानजी को सिंदूर-तेल चढ़ाना चाहिए  ।
  • कन्याओं को दूध और  चांदी का दान चाहिए 
  • अमावस्या को धर्म स्थान में खीर व मीठा भोजन दान चाहिए  ।  झूठ ना बोलें औरचीज मुफ्त में ना ले
  • भाई और मित्रों की सहायता करें तथा भाई और साले  से कृपा प्राप्त  करें और ध्यान रखें।
  • रेवडिय़ां और बताशे नदी में प्रवाहित करना चाहिए  ।
  • बिजली का व्यवसाय  न करें।
  • मीठा अवश्य खाएं।
  • चांदी की अंगूठी , सबसे छोटी उंगली में पहने ।
  • सफेद रंग का उपयोग करें।  सफेद रंग का रुमाल साथ रखें।
  • सोना, चांदी, तांबा तीनों मिलाकर अंगूठी पहनना चाहिए     ।
  • विधवा स्त्रियों को  दान करें।
  • माता की सेवा  करना चाहिए। साधु-संतों तथा बंदरों को खाना खिलाना चाहिए
  • रात को सोते समय सिर के पास पानी का बर्तन भरकर रखें और सुबह पेड़-पौधों में वह पानी डालना  चाहिए
    धार्मिक कार्य करे ।
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए----लिंक को क्लिक  करें
                       Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra


Friday, April 12, 2013

सुख शांति उपाय:गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें-


सुख शांति उपाय

पारिवारीक शांति और सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए बृहस्पति यानी गुरु से संबंधित उपाय किए जाए तो निश्चत ही घर में सुख शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी से सहयोग एवं प्रेम बना रहेगा।
भारतीय ज्योतिष में गुरु को समस्त देवताओं तथा ग्रहों का गुरू माना जाता है। गुरू के शुभ प्रभाव वाले जातक आम तौर पर दयालु, दूसरों का ध्यान रखने वाले तथा धार्मिक होते हैं।
अगर गुरु अशुभ प्रभाव देने वाला हो तो मधुमेह, पित्ताशय से संबधित बीमारियां, तथा पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती है। जिसकी कुंडली में गुरु अशुभ होता है ऐसा जातक धर्म तथा आध्यात्मिकता के नाम पर लोगों को ठगने वाला कपटी भी हो सकता है।
गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें-
- 43 दिनों तक प्रतिदिन एक तांबे का सिक्का नदी में प्रवाहित करें। चमत्कारिक परिणाम प्राप्त होंगे।
- पीला रूमाल सदैव अपने पास रखें।
- प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और सात परिक्रमा करें।
- घर में पीले रंग के फूल का पौधा लगाएं।
- प्रतिदिन शिव मंदिर जाएं और ब्राह्मण या अन्य किसी जरूरत मंद को धन का दान करें।
- गुरुवार का व्रत रखें।
- मांस-मदिरा का त्याग करें।
- घी, दही, आलू और कपूर का दान करें।
- किसी मन्दिर के पूजारी को भोजन कराएं।
- पीली गाय को घास खिलाएं।
- हल्दी एवं पीले चंदन से भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें।
- आज केसर का तिलक लगाएं।
- गुड़-चने की दाल का प्रसाद अर्पित करें।

लड़की का वैवाहिक जीवन सफल होगा:शीघ्र विवाह के लिए अपनाएं ये टोटके:मनोकामना पूर्ति के अचूक गुप्त उपाय:गरीबी दूर करता है ये प्राचीन उपाय, रोज करें.successful marriage//upay

    वैवाहिक सुख के लिए :
  कन्या का विवाह हो जाने के बाद उसके घर से विदा होते समय एक लोटे में गंगाजल, थोड़ी सी हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर उसके आगे फेंक दें, उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।
पति पत्नी में कलेश दूर करने के लिए
   1. श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे.
   2. सोते समय पूर्व की और सिरहाना होना चाहिए.
   3. चींटियों को शक्कर डालना चाहिए.
   4. भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिख कर तथा ” हं हनुमंते नमः ” का 21 बार उच्चारण करे उसे शहद में अच्छी तरह से बंद कर के घर के किसी कोने में रख दे जहाँ पर किसी की दृष्टि न पढ़े द्य
    धीरे धीरे कलहपूर्ण वातावरण दूर होगा.
  कुछ परिवारों में सब कुछ होते हुए भी छोटी छोटी बातो में गृह कलेश होता रहता है द्य निम्न मंत्र का जाप पति या पत्नी में से कोई करे तो किसी एक को बुधि आ जायेगी और घर में शांति का वातावरण बनेगा द्य
  मंत्र -
   धं धिं धुम धुर्जते द्य पत्नी वां वीं बूम वाग्धिश्वरि द्य क्रं क्रीं क्रूं कालिका देवी द्य शं षीम शूं में शुभम कुरु.
यदि लड़की यह प्रयोग कर रही है तो पत्नी की जगह पति शब्द का उलेख़ करे.
   . प्रातः स्नान कर के काली या माँ दुर्गा के चित्र पर लाल पुष्प चढाये.
    घर की कलह को समाप्त करने का उपाय
     रोजाना सुबह जागकर अपने स्वर को देखना चाहिये, नाक के बायें स्वर से जागने पर फौरन बिस्तर छोड कर अपने काम में लग जाना चाहिये, अगर नाक से दाहिना स्वर चल रहा है तो दाहिनी तरफ बगल के नीचे तकिया लगाकर दुबारा से सो जाना चाहिये, कुछ समय में बायां स्वर चलने लगेगा, सही तरीके से चलने पर बिस्तर छोड देना चाहिये।
  पति-पत्नी के बीच वैमनस्यता को दूर करने हेतु :
       . रात को सोते समय पत्नी पति के तकिये में सिंदूर की एक पुड़िया और पति पत्नी के तकिये में कपूर की २ टिकियां रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर फेंक दें तथा कपूर को निकाल कर उस कमरे जला दें।
   पति को वश में करने के लिए :


     1- यह प्रयोग शुक्ल में पक्ष करना चाहिए ! एक पान का पत्ता लें ! उस पर चंदन और केसर का पाऊडर मिला कर रखें ! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गा स्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें ! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगायें ! और फिर तिलक लगा कर पति के सामने जांय ! यदि पति वहां पर न हों तो उनकी फोटो के सामने जांय ! पान का पता रोज नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा न हो ! रोज प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें ! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर दें ! शीघ्र समस्या का समाधान होगा !
    2- शनिवार की रात्रि में ७ लौंग लेकर उस पर २१ बार जिस व्यक्ति को वश में करना हो उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार ७ बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है।
    3- अगर आपके पति किसी अन्य स्त्री पर आसक्त हैं और आप से लड़ाई-झगड़ा इत्यादि करते हैं। तो यह प्रयोग आपके लिए बहुत कारगर है, प्रत्येक रविवार को अपने घर तथा शयनकक्ष में गूगल की धूनी दें। धूनी करने से पहले उस स्त्री का नाम लें और यह कामना करें कि आपके पति उसके चक्कर से शीघ्र ही छूट जाएं। श्रद्धा-विश्वास के साथ करने से निश्चिय ही आपको लाभ मिलेगा।
   4- शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर अपने पूजन स्थल पर आएं। एक थाली में केसर से स्वस्तिक बनाकर गंगाजल से धुला हुआ मोती शंख स्थापित करें और गंध, अक्षत पुष्पादि से इसका पूजन करें। पूजन के समय गोघृत का दीपक जलाएं और निम्नलिखित मंत्र का 1 माला जप स्फटिक की माला पर करें। श्रद्धा-विश्वास पूर्वक 1 महीने जप करने से किसी भी व्यक्ति विशेष का मोहन-वशीकरण एवं आकर्षण होता है। जिस व्यक्ति का नाम, ध्यान करते हुए जप किया जाए वह व्यक्ति साधक का हर प्रकार से मंगल करता है। यह प्रयोग निश्चय ही कारगर सिद्ध होता है।
     मंत्र :- ऊँ क्रीं वांछितं मे वशमानय स्वाहा।श्श्
    5- जिन स्त्रियों के पति किसी अन्य स्त्री के मोहजाल में फंस गये हों या आपस में प्रेम नहीं रखते हों, लड़ाई-झगड़ा करते हों तो इस टोटके द्वारा पति को अनुकूल बनाया जा सकता है।
    गुरुवार अथवा शुक्रवार की रात्रि में १२ बजे पति की चोटी (शिखा) के कुछ बाल काट लें और उसे किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां आपके पति की नजर न पड़े। ऐसा करने से आपके पति की बुद्धि का सुधार होगा और वह आपकी बात मानने लगेंगे। कुछ दिन बाद इन बालों को जलाकर अपने पैरों से कुचलकर बाहर फेंक दें। मासिक धर्म के समय करने से अधिक कारगर सिद्ध होगा।
         ससुराल में सुखी रहने के लिए :


    1- कन्या अपने हाथ से हल्दी की 7 साबुत गांठें, पीतल का एक टुकड़ा और थोड़ा-सा गुड़ ससुराल की तरफ फेंके, ससुराल में सुरक्षित और सुखी रहेगी।
    2- सवा पाव मेहंदी के तीन पैकेट (लगभग सौ ग्राम प्रति पैकेट) बनाएं और तीनों पैकेट लेकर काली मंदिर या शस्त्र धारण किए हुए किसी देवी की मूर्ति वाले मंदिर में जाएं। वहां दक्षिणा, पत्र, पुष्प, फल, मिठाई, सिंदूर तथा वस्त्र के साथ मेहंदी के उक्त तीनों पैकेट चढ़ा दें। फिर भगवती से कष्ट निवारण की प्रार्थना करें और एक फल तथा मेहंदी के दो पैकेट वापस लेकर कुछ धन के साथ किसी भिखारिन या अपने घर के आसपास सफाई करने वाली को दें। फिर उससे मेहंदी का एक पैकेट वापस ले लें और उसे घोलकर पीड़ित महिला के हाथों एवं पैरों में लगा दें। पीड़िता की पीड़ा मेहंदी के रंग उतरने के साथ-साथ धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
  • लड़की का वैवाहिक जीवन सफल होगा/To be successful marriage of girl
  •  
  •   जब कन्या का विवाह हो चुका हो और वह विदा हो रही हो तब एक लोटे में गंगा जल लेकर उसमें थोड़ी हल्दी डालकर व एक सिक्का डालकर लड़की के ऊपर से उबारकर उसके आगे फेंक दें। इस छोटे से उपाय से लड़की का वैवाहिक जीवन सफल होगा और वह ससुराल में भी खुश रहेगी।

कर्ज निवारण के उपाय:
- शनिवार को ऋणमुक्तेश्वर महादेव का पूजन करें।
- मंगल की भातपूजा, दान, होम और जप करें।
- मंगल एवं बुधवार को कर्ज का लेन-देन न करें।
- लाल, सफेद वस्त्रों का अधिकतम प्रयोग करें।
- श्रीगणेश को प्रतिदिन दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।
- श्रीगणेश का अथर्वशीर्ष का पाठ प्रति बुधवार करें।
- शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध चढ़ाएं।

क्या आपका पैसा कहीं रुका हुआ है। काफी प्रयास करने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा। तो घबराईए बिल्कुल मत। यहां हम आपको बता रहे हैं एक आसान उपाय जिसे करने से आपका रुका हुआ पैसा जल्दी ही मिल जाएगा। ये उपाय इस प्रकार है
- उपाय शुक्ल पक्ष के किसी सोमवार से यह उपाय शुरु कर लगातार 21 दिनों तक करें।
 सुबह जल्दी उठें। स्नान आदि कामों से निपटकर एक लौटे में साफ पानी लेकर उसमें 5 गुलाब के फूल डालकर सूर्य को अध्र्य दें और भगवान सूर्य से समस्या राकरण के लिए प्रार्थना करें।
 शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूरी होगी।

एक दिन लौहे के बर्तन में खाना खाएं, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का उपाय

गरीबी दूर करता है ये प्राचीन उपाय, रोज करें...

  • सुख और दुख यह जीवन की दो अवस्थाएं बताई गई हैं। सभी लोगों के जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं। कोई नहीं चाहता कि उनके जीवन में कभी दुख आए या गरीबी से कभी भी उनका सामना हो। गरीबी को कैसे दूर रखा जाए इस संबंध में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-
    दरिद नाशन दान, शील दुर्गतिहिं नाशियत।
    बुद्धि नाश अज्ञान, भय नाशत है भावना।।
    दान से दरिद्रता या गरीबी का नाश होता है। शील या व्यवहार दुखों को दूर करता है। बुद्धि अज्ञानता को नष्ट कर देती है। हमारे विचार सभी प्रकार के भय से मुक्ति दिलाते हैं।
  • उपाय
    यदि आपकी कन्या राशि हो, दरिद्रता दुख और समस्या आपका पीछा नहीं छोड़ रही हो तो गुरु पुष्य, रवि पुष्य या सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ मुहरत में कुश का बांधा को लाकर गंगाजल से
    ऊँ श्रीं ऐं सौ:मंत्र का जाप करते हुए पवित्र करें।
    उसके बाद श्रद्धानुसार धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प और अक्षत से पंचोपचार पूजन कर हरे कपड़े में लपेटकर अपने पूजा स्थान या तिजोरी में रखें आर्थिक परेशानियों का निवारण होगा।

मनोकामना पूर्ति के अचूक गुप्त उपाय

  • हर मनुष्य की कुछ मनोकामनाएं होती है। कुछ लोग इन मनोकामनाओं को बता देते हैं तो कुछ नहीं बताते। चाहते सभी हैं कि किसी भी तरह उनकी मनोकामना पूरी हो जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। यदि आप चाहते हैं कि आपकी सोची हर मुराद पूरी हो जाए तो नीचे लिखे प्रयोग करें। इन टोटकों को करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी। उपाय - तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल चढ़ाएं तथा गाय के घी का दीपक लगाएं। - रविवार को पुष्य नक्षत्र में श्वेत आक की जड़ लाकर उससे श्रीगणेश की प्रतिमा बनाएं फिर उन्हें खीर का भोग लगाएं। लाल कनेर के फूल तथा चंदन आदि के उनकी पूजा करें। तत्पश्चात गणेशजी के बीज मंत्र (ऊँ गं) के अंत में नम: शब्द जोड़कर 108 बार जप करें। - सुबह गौरी-शंकर रुद्राक्ष शिवजी के मंदिर में चढ़ाएं। - सुबह बेल पत्र (बिल्ब) पर सफेद चंदन की बिंदी लगाकर मनोरथ बोलकर शिवलिंग पर अर्पित करें। - बड़के पत्ते पर मनोकामना लिखकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोरथ पूर्ति होती है। मनोकामना किसी भी भाषा में लिख सकते हैं। - नए सूती लाल कपड़े में जटावाला नारियल बांधकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इन प्रयोगों को करने से आपकी सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी हो जाएंगी।

अनोखा उपाय- चमक उठेगी आपकी किस्मत, पानी में डालें काले तिल और...

क्या आपके व्यवसाय में धन हानि अधिक हो रही है? क्या आपके घर-परिवार में परेशानियों की वजह से रिश्तों में दरार पड़ गई है? क्या आपके बच्चों को बीमारियां सताती रहती हैं? क्या भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है? यदि इस प्रकार के प्रश्नों से आप परेशान हैं तो यहां एक सटीक ज्योतिषीय उपाय बताया जा रहा है, जिससे आपकी सभी परेशानियां गायब हो जाएंगी। जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए शिव आराधना श्रेष्ठ उपाय है। प्रतिदिन शिवजी का विधि-विधान से पूजन करें। यदि विधिवत पूजन करने में असमर्थ हैं तो प्रतिदिन एक लौटे में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़े काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र जप के साथ चढ़ाएं। ध्यान रहे जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जप बेहद फायदेमंद रहता है। ऐसा प्रतिदिन करें। ब्रह्ममुहूर्त में उठकर नित्यकर्म से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं फिर किसी भी सिद्ध शिव मंदिर में जाएं। जल चढ़ाने के साथ पुष्प और बिल्व पत्र भी अवश्य चढ़ाएं। इस उपाय को अपनाने से कुछ ही दिनों में चमत्कारिक फल की प्राप्ति होने लगेगी। ध्यान रहे इस उपाय के साथ ही अधार्मिक कर्मों से खुद को दूर रखें। किसी का दिल न दुखाएं और वृद्धजनों का सम्मान करें।
 शीघ्र विवाह के लिए अपनाएं ये टोटके
कहते तो हैं कि शादी-ब्याह सब ऊपर वाले के हाथ में होता है। लेकिन, कभी-कभार ग्रह-नक्षत्र के चक्कर में फंसा हमारा भाग्य ऐसे काम में अड़चनें भी डाल देता है। वैसे, किसी भी टोटके को आजमाने से पहले अपनी कुंडली एक बार किसी अच्छे ज्योतिषी से जरूर दिखाएं और यदि आपकी कुंडली में कोई खास दोष हो तो इसके उपाय भी कराएं।
आइए जानें, यदि किन्ही वजहों से शादी में देरी हो रही हो तो किन टोटकों को आजमाया जा सकता है।
जातक हर गुरुवार को नहाते समय पानी में चुटकी भर नमक और हल्दी डालकर नहाएं।
जिस समय विवाह के लिए बातचीत हो रही हो तो कन्या को अपने बाल खुले रखने चाहिए और जब मेहमान जा रहे हों तो उन्हें मिठाई खिलाकर प्रसन्नतापूर्वक विदा करें।
 दुल्हन के हाथों की मेंहदी खुद भी लगाएं
किसी सगे या दोस्त की शादी में गए हों तो (चाहे वह लड़का हो या लड़की), उनके हाथों में लगाई जानेवाली मेंहदी से थोड़ा मेंहदी लेकर अपने हाथों में भी लगा लें। यदि दुल्हन या दुल्हा खुद ये मेंहदी आपको लगा दे सोने पे सुहागा होगा।
शिव जी पर दूध, बेलपत्र चढ़ाएं
कन्या 16 सोमवार का व्रत करें और प्रत्येक सोमवार को शिव जी के मंदिर जाकर उनपर दूध का अभिषेक करें। साथ में पार्वती जी की भी मन से पूजा करें और शीघ्र शादी होने की उनसे कामना करें। इसके अलावा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं। 108 बेलपत्र पर चंदन से ऊँ नम: शिवाय लिखकर चढ़ाएं तो ईश्वर प्रसन्न होते हैं।
पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करें और सिर्फ परिक्रमा ही न करें, बल्कि मन से ईश्वर से विनती करें कि वे सारी बाधाओं को दूर करते हुए आपकी इच्छाओं की पूर्ति करें।
आप जिस बेड पर सोते हों, ध्यान रखें कि उसके नीचे गंदगी या कोई लोहे की वस्तु न रखी हो। बेड के नीचे सारी चीजें साफ-सुझरी और सलीके से हों तो बेहतर है। इसलिए भी कहा जाता है कि सोने के लिए दीवान पलंग की जगह आम पलंग हो तो यह ज्यादा अच्छा रहता है, क्योंकि दीवान पलंग में न चाहते हुए भी सबकुछ फैला और बिखरा रहता है।
गुरुवार को पीला वस्त्र धारण करें और शुक्रवार को सफेद कपड़े पहनें।
गुरुवार के दिन आटे की दो लोई को पेड़े के समान बना लें। इसके ऊपर थोड़ा हल्दी डालकर, गुड़-चना का भोग बनाकर किसी गाय को खिलाएं। आपका बिगड़ता रिश्ता बन सकता है।

Thursday, April 11, 2013

उपाय :राशि के अनुसार सरल उपाय से सफलता प्राप्त करना :Remedy: Simple steps to achieving success:


मेष राशि-  
 हनुमान जी का प्रसाद चढ़ाएं । 
 मछलियों और पक्षियों को दाना देना । 
 लाल फूल का पौधा लगाएं। 
लाल रोली डाल कर सूर्य को जल चढ़ाएं। 
 केसर वाला मीठा चावल कन्याओं को खिलाएं  
वृषभ राशि-
 गणपति का पूजन करें। 
 गाय को हरा चारा खिलाएं। 
हनुमान जी के मंदिर में शुद्ध घी का दीया जलाएं।  

गरीब ब्राम्हण को भोजन कराएं।
 पीपल को जल चढ़ाएं और कौए को मीठी रोटी खिलाएं। 
अपाहिज व्यक्ति को दान दें।
 केसर का टीका माथे पर लगाएं।
  मिथुन राशि- 
 हरे रंग का रुमाल अपने पास रखें।  

 कन्या को भोजन कराएं और नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।  गरीब व्यक्ति को काला कंबल दान दें. 
फिटकरी डाल कर स्नान करें।
  कर्क राशि-  
शिव मंदिर में लाल चंदन दान दें। 
 मां की सेवा करें।  
पूजा के बाद चंदन का टीका लगाएं। 

 बुजुर्गों सम्मान करें,   पितरों को याद करें।  
लाल फूल की बेल लगाएं।  
सिंह राशि-
 सूर्य को अध्र्य दें।
 लाल चंदन का टीका लगाएं। 
 बुधवार को गणेश जी को किशमिश चढ़ाएं। 
शुक्रवार को इत्र लगाएं।  
कुत्ते को रोटी खिलाएं। घर में तुलसी का पौधा लगाएं।
 मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
 लाल रंग का रुमाल अपने पास रखें । 
 कन्या राशि- 
 पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं। 
घर में गंगाजल रखें। 
खाने के बाद सौंफ खाएं।
 छोटी उंगली में सोने में पन्ना पहनें।
 शिव पूजा करें।
 हरे रंग के कपड़े ज्यादा से ज्यादा पहनें। 
 तुलसी की माला पहनें।
 तुला राशि-
 मंगलवार को हुनमान चालीसा का पाठ करें। 
 मंदिर में भगवान के दर्शन करें।
 छोटे भाई-बहनों की मदद करें। 
 वृश्चिक राशि-  
केले के पेड़ की पूजा करें और जल चढ़ाएं।
  धनु राशि-
 स्नान के बाद माथे पर लाल चंदन या रोली का टीका लगाएं।  
तांबे के बरतन में पानी भर कर अपने कमरे में रखें और सुबह उसे पौधों में डाल दें। 
 तुलसी में जल डालें।  
हाथ में चांदी का कड़ा पहनें।

मकर राशि- 
 गाय की सेवा  करे ।
 गुरुवार को विष्णु मंदिर में पीले फूल चढ़ाएं।
 कुंभ राशि-
आपके यहां से कोई भूखा न जाए। 
तुलसी के पत्ते खाएं। 
गणपति व हनुमान जी की पूजा करें।

 मीन राशि-
 माथे पर चंदन लगाएं, बुजुर्गों को सम्मान करें।
 गले में तांबे का सूय्र पहनें। 
मंदिर या प्याऊ बनाने के लिए पैसा दान करें।

 पीपल के पेड़ की जड़ में पानी डालें ।


Friday, April 5, 2013

नौकरी-व्यवसाय, Planetary Combinations to Become a BusinessmanWho will Pursue Medical Profession? कौन चिकित्सा व्यवसाय को अपनाऐ ?

Planetary Combinations to Become a BusinessmanWho will Pursue Medical Profession? कौन चिकित्सा व्यवसाय को अपनाऐ  ?

Who will Pursue Medical Profession?


Many youngsters aspire for the profession of the doctor of medicine. The ancient literature of astrology provides apt pointers for choosing medical profession. Make intelligent and informed decision, after analyzing the chart. In this write-up, notable astro-combinations indicating career as a doctor are provideWho will Pursue Medical Profession?d.
Reference from Jataka Tatwa
  • Mercury in Sagittarius as the 10th house.
  • 10th lord from lagna, Moon or Sun occupying Aries or Scorpio in the Navamsa chart.
  • Karakamsa aspected by Mercury, Moon and Venus.
  • 2nd lord occupying the 7th all these dispositions point to the profession as a doctor
According to Varahmihira, Sun has an acknowledged rulership over medical profession. Sun in conjunction or trine to Mars or the Nodes, aspected by Jupiter signifies a career related to medicine.
Whatever be the Lagna, the following are some of the general indicators pointing to medical profession:
  • Conjunction of Sun and Saturn in any house
  • Saturn aspecting Sun in any house.
  • Sun occupying Capricorn or Aquarius.
  • Sun and Saturn in mutual Kendras.
  • Exaltation of Saturn and Sun.
  • Lords of 1 and 10 related to each other.
  • Mars occupying an Upachaya house.
  • Saturn as the 10th lord in trine to Sun.
  • Mars in trine to the Nodes.
  • Venus in Capricorn or Aquarius, aspected by Saturn.
  • Moon and Mars being stronger than other planets.
  • Malefics in the 10th aspected by benefic.
  • Association of Sun with Mars; or vice versa.
  • Parivartana between the lords of 9 and 12.
  • Association between sun, Mercury and Jupiter.
  • Association between the lords of 8 and 12.
  • 10th lord associated with the 6th house or the 6th lord.
  • Conjunction of various planets in any house; Sun. Moon and Mercury; Sun Moon and Venus; Sun , Mercury and Jupiter; Moon, Jupiter and Venus; Moon, Mercury and Jupiter.
Some of the special astro-combinations indicating medical profession for all the 12 lagnas:

Aries lagna

  • Moon in lagna, Mars in 3, Sun in 4, Saturn in 6 aspected by Jupiter from Pisces.
  • Moon and Mars in 7, Jupiter (retro) in lagna.
  • Moon in debilitation, Sun with Mars and Rahu in its Moolartikona rasi, while exalted Mercury is with debilitated Venus and Saturn.
  • Mars in 3, Sun in 4, Saturn in 6, Rahu in 1.
  • Mars in Leo with Sun and Rahu while Jupiter occupies Libra.
  • Sun with Mercury in 4, Moon in Libra and Jupiter (retro) in 9.
  • Mars with Moon in Aquarius, Sun with Mercury, Saturn and Rahu in Lagna; Venus in Taurus and retrograde Jupiter in Libra.
  • Sun, Mars and Rahu in 5, Mercury, Venus and Saturn in 6.
  • Sun, Mercury and Saturn in 7, Mars exalted in 10, Jupiter in 4.
  • Sun, Saturn and Jupiter in lagna, Mars in 2.
Taurus lagna
  • Sun, Venus, Mercury and Saturn in 10, Mars in 11; Jupiter and Rahu in 8.
  • Sun and Mercury in 1, Mars in 4 Jupiter and ketu in 6.
  • Sun in 1, Mars (retro ) in 6, Jupiter , Venus, Mercury in 12.
  • Sun in 3, Mercury in 4, Venus with Rahu in 5, Mars in 6, Saturn in 9, Jupiter in 10, Moon with Ketu in 11.
Gemini lagna
  • Mercury, Mars and Venus in 6, Sun with Ketu in 5.
  • Jupiter in 6, Mars and Mercury in 8, Sun with Venus in 7, Rahu in 10.
  • Saturn (R) and Rahu in 1, Mars in 6, Sun and Mercury in 7.
  • Mercury in 1, Sun, Venus and Saturn in 2, Moon in 8, Mars and Rahu in 12.
  • Sun, Venus in 1, Mars and Mercury in 2, Rahu in 4, Moon in 10, Jupiter and Saturn in11.
  • Moon in 1, Rahu in 4, Mars in 7, Sun Mercury and Venus in 9, Saturn and Jupiter in 10.
  • Jupiter in 6, Saturn in 7, Sun and Mercury in 8, Venus in 9, Moon and Ketu in 10, Mars in 12.
Cancer lagna
  • Sun and Venus in 2, Mars and Mercury in 3, Saturn in 5, Moon in 10 and Rahu in 12.
  • Mars and Saturn in 1, Jupiter and Moon in 6, Sun, Mercury and Rahu in 10.
  • Mars related to the 10th house, occupying Sun’s constellation, Sin in 7 in Mars’ constellation, Venus in 9 and Jupiter in 3.
  • Mercury, Mars and Sun in 6, Jupiter in 9.
  • Sun in 3, Mercury, Venus and Rahu in 4, Mars in 5.
  • Mars in 1, Moon and Ketu in 8, Sun, Mercury and Jupiter in 12.
  • Jupiter and Saturn in 2, Sun in 3, Mercury and Venus and Rahu in 4, Mars in 5.
  • Mars in 1, Mercury, Venus and Saturn in 11, Sun with Jupiter in 12 (Surgery).
  • Jupiter with Rahu in 4, Saturn in 5, Mars and Mercury in 8, Sun an Venus in 7, Moon in 9.
  • Rahu in 2, Venus in 7, Ketu and Mercury in 8, sun in 9, Moon in 10, Mars and Saturn and Jupiter in 11.
  • Jupiter in 2, Saturn with Rahu in 5, Mars in 6, Moon in 7, Sun with Venus in 10.
Leo lagna
  • Saturn, Jupiter, Mars and Rahu in 2, Sun in 4 and Moon in 11.
  • Sun, Rahu and Venus in 1, Mars with Mercury in 2, Saturn in 10, Jupiter in 11.
  • Sun and Mercury in 4, Venus in 5, Jupiter in 10, Saturn and Mars in 3.
Virgo lagna
  • Mercury in 4 in Moola star, Mars in 3, Moon in 12.
  • Sun in 10 in Mars’ Star and Jupiter in 11 in Aslesha, Mercury and Sun in 2 in Chitra;
  • Sun, and Mercury in 2, Moon in 8 with Saturn, Jupiter in 2, Rahu in 6.
  • Sun and Mars in 8.
  • Sun and Mercury in 4, Mars and Venus in 5, Jupiter in 10, Saturn in 12.
  • Mercury in 10, Sun in 11, Mars in 12, Saturn with Moon in 4.
  • Saturn in 1, Sun in 2, Mercury and Venus in 3, Mars in 4, Rahu in 5, Moon in 6 and Jupiter (R) in 8.
  • Ketu in 5, Mars in 7, Sun, Mercury and Saturn in 9, Jupiter, Venus and Rahu in 11, Moon in 12.
Libra lagna
  • Mercury in 2, Moon in 5, Mars in 4 in Sun constellation, Sun and Venus in lagna.
  • Sun, Mercury, Venus, Mars and Saturn in 10, Jupiter in 4.
  • Mars in 10, Sun in 11, Venus with Mercury in 12, Moon with Ketu in 9.
  • Sun and Mercury in 1, Jupiter and Mars in 3, Saturn (R) in 6, Moon in 10.
  • Saturn in 4, Moon and Rahu in 5, Mars in 8, Sun in 10, Jupiter Mercury and Ketu in 11(skin specialist).
  • Sun and Mercury in 1, Mars and Jupiter in 3, Saturn in 6, Moon in 10, Venus in 12,(E.N.T.specialist).
  • Saturn in lagna, Sun, Mercury and Rahu in 5, Venus and Mars in 5, Jupiter in 7, Moon and ketu in 1.
  • Moon with Saturn in 5, Jupiter in 9, Rahu, Mars and Sun in 10, Mercury in 11, Venus in 12.
  • Saturn in 1, Rahu in 3, Mercury with Venus in 4, Sun in 5, Mars in 7, Jupiter with ketu in 9, Moon in 10.
Scorpio lagna
  • Mars in 4, Sun in 5, Mercury in 6, Saturn and Venus in 7, Jupiter in 8. Moon with Rahu in 10.
  • Jupiter with Ketu in lagna, Saturn with Mars in 9, Sun with Moon in 11, Venus with Mercury in 12.
  • Mars in lagna, Moon in 7 (exalted Moon, causing Mangala Yoga).
  • Sun, Mars, Mercury and Rahu in 2, Jupiter in 6, Saturn in 9, Moon in 10, Venus in 11.
  • Sun, Mercury in Vargottama in 12 with Ketu.
  • Sun Mars, Mercury and Rahu in 2, Jupiter in 6, Saturn in 9, Moon in 10, Venus in 11.
  • Venus in 1, Jupiter in 3, Saturn in 5, Ketu in 6, Moon in 10, Mars in 11, Mercury and Rahu in 12.
Sagittarius lagna
  • Jupiter in 10, Sun in 1 in the constellation Moola, Venus and Mars in 12.
  • Moon in 4, Mars in 5 in the star Aswini, Sun in 6, Venus in 4.
  • Sun in lagna in the star Moola, Jupiter in 10, Venus and Mars in 12.
  • Mars in the star Uttarashada in 2, Moon exalted in 6,Venus in 4.
  • Sun in lagna in the star Moola, Jupiter in 10, Venus and Mars in 12.
  • Mars in the star Uttarashada in 2, Moon exalted in 6, Sun , Venus and Mercury in 10, Saturn in 4.
  • Sun and Mercury in 4, Saturn, Jupiter and Rahu in 10, Mars in 12.
  • Mercury in 3, Mars in 9.
  • Mars with Venus in 4, Sun, Mercury and Ketu in 2; Rahu Saturn, and Moon in 8.
  • Jupiter in Lagna, Sun, Mercury and Ketu in 2, Mars and Venus in 4, Saturn, Moon and Rahu in 8 (Physician, Principal of a medical college).
  • Sun and Mercury in lagna, Rahu in 2, Moon and Ketu in 8, Jupiter in 10, Mars, Venus and Saturn in 12.
  • Moon , Jupiter and Saturn in 5, Sun and Venus in 7, Mercury and Mars in 8, Rahu in 10.
Capricorn lagna
  • Sun in 9, Moon with Mars in 11, Saturn in 2, Jupiter with Mercury in 10 (Orthopaedic surgeon).
  • Mars in 2, Sun, Mercury (R) and Rahu in 4, Venus(R) in 5, Moon in 7, Jupiter in 8, Saturn (R), Ketu in 10.
  • Saturn (R) in 2, Rahu in 3, Moon in 4, Mercury with Venus (R) in 5, Moon in 7, Jupiter in 10m, Mars in 11.
  • Rahu in 2, Sun in 4, Mercury in 5, Jupiter, Mars and Venus in 6, Saturn (R) in 10, Moon in 12.
  • Moon in 1, Saturn in 3, Jupiter, Saturn and Venus in 4, Moon, Ketu in 8, Saturn in 9, Mars in 10.
Aquarius lagna
  • Jupiter in lagna, Mars and Venus in 10 (Surgeon).
  • Rahu in 3, Saturn (R) in 6, Jupiter, Sun and Mercury in 10, Moon and Mars in 7.
  • Jupiter with Venus in 1, Mars in 10 in Vargottama.
  • Mars in 4, Mercury in 6, Sun, Moon, Venus and Rahu in 7, Jupiter with Saturn (R) in 11 (Gynaecologist).
  • Mars in 2, Sun, Moon, Mercury and Saturn in 4, Jupiter, Venus and Rahu in 6, ketu in 12 (Heart specialist).
  • Rahu in 4, Mars in 5, Mercury, Venus and Saturn in 6, Sun in 7, Moon in 8, Jupiter in 9 and Ketu in 10 (Physician).
  • Saturn with Jupiter and Ketu in 4, Sun and Mercury in 5, Venus in 6, Mars in Moon 11.
  • Mars in 1, Moon in 5, Sun in 6, Venus in 7, Mercury in 8, Sun with Saturn in 9 Jupiter in 10.
  • Sun and Venus in 2, Mercury and Ketu in 3, Mars in 4, Moon in 7, Jupiter (R) in 8.
Pisces lagna
  • Rahu in 3, Mercury with Saturn in 5, Sun in 6, Mars with Venus in 7, Jupiter in 8.
  • Jupiter with Saturn in 6, Sun in 6, Mars with Venus in 7, Jupiter in 8.
  • Jupiter with Saturn in 6, Sun, Mercury and Rahu in 8, Mars in 10.
  • Sun , Mercury and Jupiter in 1, Saturn with Ketu in 9, Mars in 12.
  • The Signs

    Signs represent the twelve large systems in the body of man, starting with Aries which represents the head, all through the sign of Pisces, ruling the feet. The signs that contain the planets, either by birth or through progressed horoscopes, will stand out, or will most probably be the sources of illness. For each sign a special tissue salt exists; these are the building materials for human body, the substances through the combination of which tissues, organs, systems of organs, and finally the entire body are built. Using these salts on their own or by combining them in material or homeopathic doses, one's health can be much improved.
    Quite similarly, for each sign a special type of food is best. Medical astrologer will be qualified to give advice about food, and this will also improve the client's health in numerous ways. Using the theory of doctrines, i.e. finding the similarities between the zodiac, body, and herbs, it is also possible to connect signs with herbs and prescribe them to help the patient.

    Degrees of the Horoscope in Medical Astrology

    Each sign has 30 degrees, and each of these 360 degrees is connected to one part of the body. The planet on that degree is a predisposition for an illness -- the degree tells us which part of the body is in question, while the planet will show what kind of disease it will be. In a similar manner, it is possible to connect the midpoints and the degrees.
    The Planets, Asteroids, and the Uranian Planets in Medical Astrology
    The planets are sources of energy in the horoscope, and each is unique. For instance, the energy of Mars is fire-like; he flames up the fires in the body (resulting in high temperature) and cleanses it thus. Neptune stands for bacteria that are known to the medicine, while Pluto is for the unknown bacteria, and so on. The asteroids, the large ones in particular, such as Ceres, Juno and others, behave in a similar way. In medical astrology, the Uranian planets can also be used. There are eight "Uranian" planets which have no astronomical data, but the influence of which can be felt quite strongly in the chart. Some of these planets have strong medical connotations, so using them can increase the credibility of medical astrology analysis up to 90% of success.

    The Houses in Medical Astrology

    Out of the twelve houses in the usual astrology, five are more significant that the others:
    First house -- the physical body,
    Sixth house -- diseases,
    Eighth house -- support from others, sex, death, karma, terminal states, cancer,
    Twelfth house -- isolation, hospitals and monasteries, psychic problems, auto-immunity.
    However, every house has its own special meaning in medical astrology:
    No. 1 -- face, consciousness, brain tumors, brain insults, etc
    No. 2 -- blood, electrolytes, hormones, food intake, hypophysis, diabetes.
    No. 3 -- the lungs, speech problems,
    No. 4 -- producing food for others, mother, milk; genetics, inheritance,
    No. 5 -- heart, infarction of myocardium,
    No. 6 -- diseases, personal hygiene, meals, day to day habits,
    No. 7 -- death through brain problems, balance of the body, spine,
    No. 8 -- Expelling of the processed foods, hypophysis, adrenal cortex, kidneys,
    No. 9 -- the upper part of brain, cerebral hemisphere, Jupiter rules over the left, Neptune rules over the right hemisphere;
    No. 10 -- metabolism,
    No. 11 -- circulation, hemorrhagia,
    No. 12 -- autoimmune diseases, thymus, immunity in general, liver.
    The ruler of the house is the main indicator of the events related to the house, while the planets in the house are not so important. For instance, to see what kinds of illnesses one can have, take a look at the sixth house and its ruler, its position, aspects and transits. Only after the ruler remained under pressure for a long time, we could be allowed to start predicting the existence of a disease.
  • Saturn in the 10th - Saturn in the tenth house



    A Tenth House Saturn suggests that your career or area of responsibility in the world relates in some way to the attainment of public power and status through positions of authority and professionalism. You may have had a lack of opportunities in your youth and met with obstacles, delay, dull periods and disappointment. However, with your ambition for power and advancement, and through steady, persevering industry, you will rise above your sphere in life - possibly in your middle years. You will have to gain knowledge and expertise associated with worldly power, status, achievement, practical accomplishment and the ability to deal effectively with authority. Your deep need for financial security and self-sufficiency will provide the necessary impetus for success.
    While the sixth house defines how you make a living, with jobs and income streams, the tenth house is about your life's work. It's what you look back on, as your legacy in the world. The tenth house is also associated with the Midheaven (on the tenth house cusp). It's an expression of your public persona, how you're seen as a figure on the world stage. The dynamics found here show how you fulfill, over time, your destiny to become an authority in some area. Saturn's mastery is hard-won, and the rewards of this house come through careful progress over time.
    With its Capricorn signature, the tenth house deals with the material realm. The insights in this house show how you act in the real world, how you get things done. Because that often requires an inner authority, the full expression of this house is a power that is bedrock solid. It is achieved from experience, wisdom, perseverance and a cumulative history of success. Are you an expert? The sign and planetary action in this house show what fields you're likely to build well in.
    The tenth house is associated with father, in the sense that he's a figure that traditionally coaches you to take your place in the world. But nowadays, that could also be the mother, or any other significant family figure or mentor. The authoritarian in your life teaches the lessons of the tenth house, and how to claim your own power.
    This house is one marked by worldliness, and has an impact on your lasting legacy. We're talking the enduring impact on society, by your actions and what you create. It could be monuments, books, buildings, theories or the shaping of young minds (as a teacher). It's where you find the guiding signs toward achieving what you came here to do. You could call it the career destiny, how you make your mark.

    Mars in 10th house

    You have an ambitious, enthusiastic nature with lots of energy. You
    have good executive ability and organizational powers. You want to
    lead and show the way, taking the initiative in your career. Success
    comes through your own enterprise. You do best in an occupation with
    variety. Your self-reliance is strong and you are practical and
    results oriented. There may be some difficulty or friction with one
    of your parents or with superiors at work.

    Sun in 10th house

    You may have a desire to attain success and power for the benefit of
    others or to seek success and power for yourself without thought of
    anyone else. You want to shine and be recognized for your
    accomplishments. You want to be really good at something. There is
    strong motivation towards succeeding in a career and/or personal
    achievements. You have the ability to inspire others through your
    example. You are ambitious and self-aggrandizement is possible. People
    in high places can help or hinder your career.

    Mercury in 10th house

    Perhaps you will write or speak as a career. The teaching profession
    may hold promise for you. You have the ability to communicate your
    ideas to others and to be recognized for them. Your manual dexterity
    and mental alertness may lead you to a field where this is a real
    necessity. You may have several jobs, as you have a variety of
    talents. There is a possibility of travel in your profession.

    Jupiter in 10th house

    This position may bring opportunity and expansion as well as success
    and honor to you in your profession or in your community. Much of the
    reason is your congenial and generous nature. You have a magnetic
    personality and people sense you will not let them down. Many
    opportunities will arise which are of benefit to you and to society as
    a whole. There is a strong sense of responsibility toward your career
    and toward personal achievement. You have the ability to get others to
    believe in your expansion-oriented, long-range plans, dreams and
    visions.

    Venus in 10th house

    Your pleasant disposition and harmonious nature make you popular in
    your career and with the world at-large. People seem to want to do
    nice things for you, which can lead to laziness if you abuse this
    energy. You have a loving and friendly approach to the world with a
    general attitude of optimism. This placement can be favorable for
    public speaking and singing. Your voice may be used to please and
    inspire people. This position usually grants comfortable financial
    circumstances.

    Saturn in 10th house

    You are self-reliant and independent with good business and organizing
    ability. Success for you comes slowly, through perseverance and hard
    work. You must accept your responsibilities, otherwise life will be a
    series of setbacks and failures. Chasing power and using others to
    get what you want will cause your downfall. You need to control your
    ambitions. Be careful of bridges you burn - you may need to cross
    back over them. There may be difficulties with either parent because
    of their discipline, strictness or a need to control your life.

    Neptune in 10th house

    Strange and confusing things can happen with respect to your career
    and your drive to be successful within it. Strong idealism attends
    this position so keep your eyes open with your feet on the ground.
    Your career may involve something artistic, inspirational,
    humanitarian, dramatic, promotional or psychic. The theater,
    chemistry, psychic activities, photography or dealings with drugs are
    possible career outlets. Your public image may have its ups and downs
    due to forces beyond your control. A feeling of rejection by one or
    both parents is possible.

    Pluto in 10th house

    Unforeseen activities can affect your career. Elements of the world
    society can directly influence your job or your status in the world.
    You are self-assertive and need to incorporate diplomacy and patience
    into your personality, especially when dealing with the world at
    large. This position can give a desire for power, a desire to retreat
    from society or a desire to be of benefit and service to society.
    Using power and force to get your way will bring your downfall. Use
    your skills to uplift society and the masses. You enjoy working
    behind the scenes to accomplish your goals. You have an instinct for
    knowing why people do the things they do.

    Moon in 10th house

    What others think is very important to you. A desire for achievement
    can dominate your feelings. You may hold a public position managing
    or dealing with change, women or publicity. You have a personal
    charisma which enables you to influence others. Many changes of
    career are possible. You feel a need to be socially useful to
    society. Concerning vocation: You desire a take-charge position
    within work situations. Your individuality is emphasized, often to
    the point that no subordinate position within work can be easily
    tolerated. Your emotions must be controlled.

    Uranus in 10th house

    You are not a conformer and do not wish a career that is stable,
    uneventful and commonplace. You are highly independent and may wish to
    be self-employed. Your rebellious nature may cause you to do the
    opposite of what you are told to do in your line of work. Your strong
    imagination, intuition and creativity will be applied to any career
    you choose. Sudden changes in job fortune are probable. Routine work
    drives you batty. A career in electronics, computers, invention,
    metaphysics or mechanics is possible.
    If you've read the last two daily articles you may get the idea that I believe that the 10th house, representing our career, is not connected to our life purpose. This is not the case. I think the 10th house is overrated for representing our life purpose and that we often mistakenly believe that we have to do an influential, public work to fulfill our dharma.
    The 10th house is called the karma sthana or house of action. It is the 30 degrees segment of the sky that is directly overhead, the zenith. It needs to be looked at for understanding our life purpose because it's represents our actions that are the most visible, what we are most known for publically, the mark we leave in the world. There are four significators of the 10th house: Mercury, Saturn, the Sun and Jupiter. The fact that the Sun and Jupiter are included in this list, as well as being the significators of the dharma houses (as we saw in yesterday's article) confirms that the 10th house is an important consideration.
    However, our work is obviously not always what inspires us and gives our lives meaning. Some people, for instance, lead dual lives where their work is what makes them money, but their real passion is a hobby that they do on the side. It's what keeps them inspired, which is what is most important in the final analysis with regards to fulfilling our life purpose.
    I am not sure if you mean Saturn in your tenth house natally or Saturn in your tenth by transit.  So I am going to give you a general answer. Saturn like all the planets goes through a cycle of retrograde. For Saturn its usually about 4 and a 1/2 months every year.
    Since Saturn represent work ethics and lessons we need to learn, its change of direction always comes with a lesson, and in your case, tenth house, more than likely something to do with your work, or work ethics.  Saturn has the undeserved reputation for not allowing us to get what we want, the reality is just the opposite, if we work hard and have good ethic's Saturn brings us just what we are working towards.  In general Saturn is well placed in the tenth so no matter what sign its in if its in the tenth is a good placement for Saturn, it can run the rage of finding the job you have always wanted, a promotion, increased work responsibilities, increased respect to retirement and the ending of a career. The change of direction from retrograde to direct often coincides with times of activity, things that have not been moving along start to move, decisions you are waiting for start to happen. Its also the time of the fruits of hard work being harvested, or you get what you have been working towards.
  • uxiliary Methods in Medical Astrology

    Arabian Parts are formed by adding two important points, from which another, the third point, is subtracted. There are about 500 Arabian Parts, and some of them are directly related to health. Pars Fortunae is the most well known Arabian Part, and it combines influences of the Sun, Moon and Ascendent.
    Each particular house has its own set of Arabian Parts. For instance, the sixth house has the following two Arabian Parts, which are of interest in medical astrology:
    Incurable diseases, bad fortune and vice (Asc + Mars - Saturn),
    Curable diseases (Asc + Mars - Mercur),
    The sixth house also contains the parts for servants, the prisoners of war, and the pars of the defeated, which have nothing to do with health.
    The number of Arabian Parts per house varies: house No. 7 has 16 Arabian Parts, house No. 8 -- 5 Parts and so on.
    Quite often, horary astrology will yield loads of info. Instead of natal charts and the charts that are derived from it, in horary astrology we erect the chart for the time of asking the question about the illness. Reading a horary chart is different to the reading of the natal and all other charts, so don't use this technique unless you know what you are doing. Nevertheless, it pays to learn horary astrology, because it often gives a direct glimpse into the real situation, the course of the illness, eventual surgeries and deaths etc.
    The decumbiture chart is the chart for the beginning of an illness. We should make it only if we know for certain when the illness begun. Also has rules of its own.
    Electional astrology tries to discover when an action should begin. In medical astrology, such charts could be studied to discover when the prescribed therapy should start, when is the time for doctor to visit the patient and so on.

    The Role of Medical Astrology in Healing

    Modern medicine knows a lot about the state of the patient in the moment of measurement, and knows also, in a statistical manner, whether the prognosis is good or bad. Nevertheless, it never deals with the future of the patient, and is almost always used when something bad has already happened. Medical astrology is the missing link between the recorded state of the patient, his or her current therapy and the future development of the illness. Since it is possible to make the astrological prognosis in advance, it becomes possible to do something in advance as well. Homeopathy and other energy healing systems are a natural continuation of medical astrology, because energy healing "spends" the unwanted but present energy that planets and stars send us via astral body. The biggest advantage of medical astrology is that it enables not only to predict which techniques and remedies can heal now, but when these techniques and remedies should be stopped, and some other healing modality be taken and applied instead.

    Articles in the medical astrology tutorial

    This house indicates one’s career tendencies, public image (as opposed to private image), the parent of greater influence (usually the mother), and people who may have power or authority over you (bosses, judges, etc.). Yes, planets IN this house affect the career. So does the SIGN at the beginning (the cusp) of the house, as well as the RULING PLANET of that sign. But what most books ( and all too many astrologers!) don’t tell you is that the aspects (angles) that the Mid-Heaven (which begins the tenth house) forms are absolutely critical in determining the best career areas. We will get to that later in the lesson on ASPECTS. For now, here are the influences of the planets in the tenth house. Sun in the Tenth House: Wherever the Sun is we crave attention. When it is in the tenth house, we need to "shine" in public. Whatever the career, people have to be looking at us. Of course, the Sun would prefer to be the boss, no matter what the job is, which is why the Sun doesn’t point in any one career direction. As long as those with this placement get favorable attention and some authority, they will be happy. Moon in the Tenth House: The career, and our attitude towards it, go through "phases". After all, the Moon does show where we are moody. This influence can bring either us or what we do before the public, no matter what the career. Some specific occupations it inclines to include anything to do with the home and food. This takes in work in hotels and restaurants, as well as the dairy industry. Mercury in the Tenth House: means that communications or transportation will be a central part of the career. This would be a good placement for a writer, a public speaker, a salesperson, a TV or radio newscaster, or even cabdrivers and truck drivers, this means that communications or transportation will be a central part of the career.  Venus in the Tenth House: simply makes you look good, whatever you do. The danger is that you will look like you can deliver a better performance than you are able to. Traditional Venus occupations come under the headings of beauty, art, charm, and the social graces. The profession of artist is included, but so is art dealer and art museum worker. Beauty takes in beautician as well as those who work in factories producing beauty products. This includes all finery, jewelry, fancy clothing, etc. The social graces covers anything doing with public relations as well as people who plan social events for a living. Mars in the Tenth House: Besides the obvious Mars occupations of professional athlete and military and police officers, Mars governs anything requiring energy, initiative, action. You could be in any profession with this one as long as you are able to have non-stop activity. Any supervisor you have will tend to be on the aggressive side, and even if they are not, this placement increases the chances of arguments with the boss. Mars here is one of those placements that would rather be the boss, not passively, like the Sun (which just wants to get attention) but to get things done. Jupiter in the Tenth House: can give you luck here whether you want it or not. Years ago, I read an article by Robert Raymond Shanks in American Astrology magazine where he told about a professional football player whose mother left him a chain of beauty parlors. He couldn’t sell them because they were making too much money, but they totally ruined his macho image. Shanks used this as an example of how Jupiter in the tenth house can get you into a career that you may not like but you can’t get out of because it is too lucrative. My own experience with observing this placement is that it can make the boss and powerful people in general, like you a lot. They will do things for you that they wouldn’t do for others and there is no apparent reason for this other than that Jupiter is the traditional planet of "good luck". Specific Jupiter occupations run the gamut from professor, preacher, and philosopher (Jupiter rules the sign of Sagittarius, sign of religion, philosophy, and higher education) to high finance (Jupiter rules anything large and expansive), to any occupation involving world travel. Saturn in the Tenth House: This placement is great for business. It is also good for the careers of medicine and research scientist, or of research in general. Hey, isn’t Saturn supposed to be the planet of "bad luck"? Well, it is also the planet of hard work, discipline, and organizational ability, all of which are required by the above professional. Just remember that when you get to the top to keep working. Saturn also rules falls. Uranus in the Tenth House: Forget working you way up the corporate ladder. Organizations don’t suit you, unless, of course, it’s your own organization, one you founded. There is getting to be less and less of large organizations lately due to the internet, which, by the way, is a very Uranian thing. If it’s new, unusual, on the cutting edge, and even shocking, well, that’s the profession for you. And oh yes, they have to leave you alone. This is another placement of Uranus that can’t stand anyone looking over its shoulder. If you do have a boss, they are probably a genius, eccentric, or crazy. Alan Turing, an early computer pioneer and the man who cracked the "uncrackable" German Enigma code during World War II had Uranus right at the top of his horoscope. Neptune in the Tenth House: Yes, this one may indicate confusion in career choice. Yes, you may do a stint as a bartender after getting that fine arts degree. Neptune in the tenth house can also make you a star. Neptune, after all, rules anything to do with ILLUSIONS and that includes the film industry. Clint Eastwood, for instance, has Neptune in his tenth house. Other occupations (depending on other factors in the horoscope; we will cover those in later lessons) involve anything to do with taking care of the poor, the sick, and the unfortunate. This includes the medical and social work fields as well as those who work in prisons, orphanages, and nursing homes. On the negative side, many of those who ARE poor, sick, in prison, or substance abusers also have Neptune here. Oceanography, marine biology, and anything to do with the sea (including commercial fishing) are also possibilities. Yes, this one may indicate confusion in career choice. Yes, you may do a stint as a bartender after getting that fine arts degree. Neptune in the tenth house can also make you a star. Neptune, after all, rules anything to do with ILLUSIONS and that includes the film industry. Pluto in the Tenth House: has to do with death and rebirth so it’s a natural for medicine and psychotherapy. Neptune in the tenth house gives sympathy. Pluto does the actual healing. You also get venture capitalists here. Pluto rules the sign of Scorpio, sign of other people’s money. Other possible occupations (remember, the actual choice also depends on other chart factors; the planet just indicates a range) are anything at all dealing with death (funeral worker, demolition expert) and rebirth (salvage worker), as well as anything dealing the "underworld". Both police undercover agents and the criminals they hunt can have this placement. http://www.yournetastrologer.com/DISCLAIMER This Blog is created to provide you the Tips & Tricks, Best General Tips & Knowledge, Religious Content in Hindi. The Articles in this blog are collected from various Newspapers, TV Channels and other sources and does not warrant or assume any legal liability or responsibility for the accuracy, completeness or usefulness of the information provided here.I am maintaining this blog with the thought of spreading the knowledge of Astrology to every human being Please check with a Vastu expert or an Astrologer before using any of the suggestions given in this Blog.To delete copyright contents if any please email us, we'll remove relevant contents immediately.
  •